Get 54% of Think & Gro Rich who can change your life

खुश रहना। Khush-Rahna


         खुश रहना एक मानसिक दशा है, खुश रहने khush rahna  के लिए पैसे वाला होना जरूरी नहीं है. लगभग सभी अध्ययनों ने यह साबित किया है कि खुश रहने वाले व्यक्ति परिवार में रहते हैं. उनकी अपने परिवार वालों व मित्रों से खूब निभती है हार्वर्ड विश्वविद्यालय के हैपीनेस विशेषज्ञ डेनियल गिलबर्ट, Daniel Gilbert के अनुसार, हमारे पास परिवार होता है तो हम खुश होते हैं. मित्र होते हैं तो और खुश होते हैं और जीवन में जो भी चीजें हमें प्रसन्नता दे रही होती हैं, वे सभी किसी न किसी रूप में परिवार या मित्रों के रास्ते ही आ रही होती हैं।     

Khush-Rahna
Khush Rahna, failtwosuccess.blogspot.com

 


 वर्षों तक इस विषय का अध्ययन करने वाले जार्ज वैलेंट George Eman Vaillant के अनुसार- हमारे जीवन को जो सबसे अधिक प्रभावित करते हैं, वे हैं दूसरों के प्रति हमारे संबंध. ये संबंध ही हमको दूसरों से जोड़ते हैं और हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं. इसीलिए जीवन में रिश्ते बहुत मायने रखते हैं और हमारी खुशियों को सबसे ज्यादा प्रभावित भी करते हैं. जनरल आफ सोसियो-इकोनोमिक्स के आँकड़ों की मानी जाए तो व्यक्ति के लिए रिश्ते बहुत कीमती होते हैं।यह भी देखा गया है कि,

 बाहरी समृद्धि ने व्यक्ति को भीतर से खोखला करने का काम किया है. दरअसल मनुष्य अपनी जवानी पैसे कमाने में बिता देता है और अंत में उसे समझ आता है कि पैसों की भूख कभी समाप्त नहीं होती और छोटी-छोटी बाते,खुशियाँ पैसों से नहीं मिल सकतीं. अतः जितना हो सके, उतना समय हमें अपने सामाजिक दायरे को समृद्ध करने में लगाना चाहिए।


 यह कोई जरूरी नहीं कि जीवन में सब कुछ बहुत अच्छा हो, क्योंकि प्रतिकूलताएँ और कठिन परिस्थितियाँ हर किसी के जीवन में होती हैं. बेहतरीन जीवन पाने की इच्छा हर किसी को होती है, लेकिन इसके इंतजार में हमारे पास जो बेहतर है, उसे बरबाद नहीं करना चाहिए। 


Khush-Rahna खुश रहना

           खुशियाँ कभी किसी  छोटे शिशु, बच्‍चे काे देखकर ,पुराने दोस्‍‍तों से मिलकर तो कभी अपने पकाए बेस्वाद भोजन के स्वाद में भी महसूस होती है, तभी किसी बेकार बर्तन में पक्षी चिड़ियों के लिए आधा गिलास पानी रखकर भी हमारा मन प्रफुल्‍‍ि‍‍‍लत हो जाता है, और कभी मंदिर में सौ रुपये के प्रसाद में भी हमारा मन दुखी  रह जाता है।


             इस तरह देखा जाए तो खुशी का संबंध मन को संतोष व सुकून देने वाली भावनाओं से होता है. जो भावनाएँ मन को कचोटती हैं, असंतुलित करती हैं, दुखी करती हैं-- वे कभी भी खुशियों से जुड़ी हुई नहीं होतीं।


       Warms Regards

      Blog   : failtwosuccess.com

 Email : failtwosuccess@gmail.com
SHARE

Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment

Buddha and farmer story

Dear  Friends Good Morning have a nice day